कोटद्वार नगर में बढ़ती जा रही निराश्रित गौ वंश की संख्या के कारण दुघटनाएं लगातार बढ़ रही है, वही बंदरों के आतंक से भी लोग परेशान है, जिसको लेकर आज जागृति संस्था के अध्यक्ष मनीष भट्ट ने उपजिलाधिकारी और नगर निगम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। जिसमे बताया कि जब से कोटद्वार नगर निगम का निर्माण हुआ है तभी से नगर निगम क्षेत्र में आवारा पशुओं (सांड ) की अचानक बहुत संख्या बढ़ गई है जो कि आए दिन किसी न किसी प्रकार से आम जनों की दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। जिसमें की आम राहगीरों पर हमला करना, महिलाओं और बच्चों पर हमले, चलते वाहनों पर टक्कर मार देना, सांडों के आपसी संघर्ष से वाहनों और दुकानों को क्षति पहुंचना आम बात हो गई है। यहां तक की ये बेजुबान पशु (सांड ) जब बीच सड़क पर बैठे या लेटे होते हैं जो कि किसी न किसी वाहन से चोटिल भी हो जाते हैं, जिससे कि इनकी बड़ी दयनीय स्थिति हो जाती है और कोई इनकी मरहम पट्टी भी कर पाने में सक्षम नहीं हो पाता, साथ ही ये आवारा पशु लोगों की कृषि को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। साथ ही ज्ञापन में ये भी बताया कि नगर निगम क्षेत्र से शीघ्र ही सांडों को अनुदान प्राप्त और घोषित गौशालाओं में अथवा अन्य कहीं शिफ्ट कर नहीं हटाए गए तो प्रार्थी आगामी 21 दिसंबर 2024 से 5 दिवस तक तो क्रमिक अनशन करेगा और यदि 25 दिसंबर तक भी इस आम जनमानस की समस्या का हल नहीं हुआ तो आगामी 26 दिसंबर 2024 से प्रार्थी आमरण अनशन करने को बाध्य हो जाएगा और इसकी समस्त जिम्मेदारी जिला प्रशासन एवं नगर निगम की होगी। इसके अलावा अन्य कई संगठनों ने भी निराश्रित गौ वंश से जुड़ी समस्याओं को लेकर प्रशासन से शिकायत की है। Post navigation लैंसडाउन में टूरिस्ट ने गाइड पर लगाया मारपीट का आरोप, मुकदमा दर्ज रिखणीखाल ब्लॉक में गुलदार के आतंक के चलते 13 विद्यालयों और आंगनवाड़ी केंद्रों में अवकाश, डीएम ने जारी किया आदेश