कोटद्वार में दुकान के नाम से शुरू हुए विवाद में दोनों पक्षों पर मुकदमा दर्ज। सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने, सरकारी काम में बाधा डालने सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज

हालही में कोटद्वार में एक दुकान का नाम बदलने को लेकर हुए विवाद में कल रात पुलिस ने कार्यवाही की है। जिला पुलिस मुख्यालय पौड़ी से मिली जानकारी के अनुसार कोटद्वार में शांति व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ पुलिस ने विभिन्न धाराओं में अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए है। दो दिन पहले कोटद्वार कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि कोटद्वार में पूर्व में बाबा स्कूल ड्रेस की दुकान पर हुए आपसी विवाद के संबंध में कुछ व्यक्ति दीपक कुमार के विरोध में उसके जिम और पटेल मार्ग स्थित बाबा स्कूल ड्रेस की दुकान पर प्रदर्शन करने आ रहे हैं। उक्त व्यक्तियों द्वारा नारेबाजी करते हुए सड़क को जाम किया गया और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले शब्दों का प्रयोग कर सार्वजनिक शांति भंग करने का प्रयास किया गया। पुलिस द्वारा रोके जाने पर उन्होंने पुलिस बैरियर हटाकर उग्र नारेबाजी और गाली-गलौच करते हुए सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न किया, साथ ही लगभग 30–40 अज्ञात व्यक्तियों द्वारा पुलिस बल के साथ धक्का-मुक्की कर सरकारी कार्य में बाधा डाली गई। इन कृत्यों से सार्वजनिक व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित हुआ, जिस पर उपनिरीक्षक विनोद चपराना के द्वारा आरोपित व्यक्तियों के विरुद्ध कोतवाली कोटद्वार में धारा 191(2), 121(2), 126(2), 196(2), 352 बीएनएस तथा धारा 7 क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार वकील अहमद, निवासी कोटद्वार द्वारा दिए गए शिकायती प्रार्थना पत्र के आधार पर कोतवाली कोटद्वार में धारा 115(2), 333, 351(2), 352 भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया।इसी क्रम में दूसरी तरफ से कमल पाल, निवासी कोटद्वार द्वारा पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र में दीपक उर्फ अक्की, विजय रावत और उनके अन्य साथियों के खिलाफ गाली-गलौज करते हुए जाति-सूचक शब्दों का प्रयोग करने और जान से मारने की नीयत से हमला करने के संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई। उक्त शिकायत के आधार पर आरोपित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 191(1), 351(2) एवं 352 के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया।कोटद्वार क्षेत्र में दो संगठनों के बीच पैदा हुए आपसी विवाद की स्थिति को प्रशासन द्वारा अत्यंत गंभीरता से संज्ञान में लिया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में प्राप्त तहरीरों के आधार पर अभियोग पंजीकृत कर गहन और निष्पक्ष जांच की जा रही है।पौड़ी पुलिस यह स्पष्ट करती है कि किसी भी व्यक्ति अथवा संगठन को अराजकता फैलाने, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने अथवा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। शांति भंग करने, अफवाह फैलाने और उकसावेपूर्ण गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वालों के विरुद्ध कानून के अंतर्गत सख्त एवं त्वरित कार्यवाही की जाएगी, जिसमें किसी भी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी, कृपया अफवाहों पर ध्यान ना दें और पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।

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